
भारत की सबसे प्राचीन अर्थव्यवस्था का स्वरुप व आधार हस्तकरघा है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करती है। समाज के संतुलन को बनाए रखते हुए महिला एवं पुरुष को बिना भेदभाव के रोजगार प्रदान कर आजीविका का मजबूत साधन उपलब्ध कराती है. भारत के हस्तकरघा क्षेत्र में महिलाओं का योगदान अधिक है, यहां तक की बिहार में भी महिलाओं की संख्या अधिक है किंतु नालंदा जिला के हस्तकला बावन बूटी में महिलाओं की संख्या अत्यंत ही कम है महिला मास्टर बीबर की संख्या ना के बराबर है जो एक गंभीर तथ्य को इंगित करता है। मेरा यह शोध कार्य नालंदा जिला के बावन बूटी हस्तकला में वर्तमान स्थित, महिलाओं की संख्या कम होने का प्रमुख कारण और समाधान पर आधारित है।
