
“डिजिटल युग में शिक्षक की भूमिका : एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (Educational Technology) के संदर्भ में एक अध्ययन” विषय वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में अत्यंत प्रासंगिक है। आज तकनीकी विकास ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को नई दिशा प्रदान की है, जिससे शिक्षा का स्वरूप पारंपरिक पद्धति से आगे बढ़कर डिजिटल और नवाचार-आधारित हो गया है। ऑनलाइन शिक्षण, स्मार्ट कक्षाएँ, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसे आधुनिक उपकरणों ने शिक्षक की भूमिका को व्यापक और बहुआयामी बना दिया है। वर्तमान समय में शिक्षक केवल ज्ञान के स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे मार्गदर्शक, प्रेरक, तकनीकी सहयोगी और अधिगम प्रक्रिया के संचालक के रूप में कार्य कर रहे हैं। डिजिटल माध्यमों के उपयोग से शिक्षण अधिक प्रभावी, संवादात्मक और छात्र-केंद्रित हुआ है। इसके साथ ही शिक्षकों के समक्ष तकनीकी दक्षता, संसाधनों की उपलब्धता, प्रशिक्षण की कमी तथा डिजिटल साक्षरता जैसी चुनौतियाँ भी उभरकर सामने आई हैं। यह अध्ययन डिजिटल युग में शिक्षक की बदलती भूमिका, उनकी तकनीकी दक्षताओं तथा शिक्षण में एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (Educational Technology) के प्रभाव का विश्लेषण करता है। अध्ययन का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की सफलता केवल विषय-ज्ञान पर निर्भर नहीं करती, बल्कि तकनीकी कौशल, नवाचारपूर्ण शिक्षण दृष्टिकोण तथा डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी आधारित होती है। निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि डिजिटल युग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी सशक्तीकरण तथा नवीन शिक्षण पद्धतियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावशाली बनेगी, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को भी नई दिशा प्राप्त होगी।
