
सारांश जलवायु परिवर्तन आज की दुनिया की सबसे गंभीर पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों में से एक है, जो पृथ्वी के तापमान में निरंतर वृद्धि, वर्षा–पैटर्न में बदलाव, चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति, समुद्र-स्तर वृद्धि, जैव विविधता के क्षरण, कृषि उत्पादन में गिरावट तथा मानव स्वास्थ्य पर बहुआयामी प्रभावों के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे जटिल परिदृश्य में वनस्पति विज्ञान (Botany) जलवायु परिवर्तन की समझ, वैज्ञानिक विश्लेषण और दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पौधे प्राकृतिक कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं और प्रकाश संश्लेषण द्वारा वातावरण से बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर कार्बन चक्र को स्थिर बनाए रखते हैं, जिससे वैश्विक तापमान वृद्धि के प्रमुख कारण—ग्रीनहाउस गैसों—को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। वनस्पति विज्ञान पौधों की संरचना, वृद्धि, प्रजनन, अनुकूलन, पारिस्थितिक भूमिकाओं तथा उनकी कार्बन अवशोषण क्षमता का गहन अध्ययन करता है, जिससे यह समझने में सहायता मिलती है कि किन पौध प्रजातियों, वनों और पारिस्थितिक तंत्रों में जलवायु परिवर्तन शमन (Mitigation) की अधिक क्षमता होती है साथ ही यह विज्ञान जलवायु परिवर्तन के कारण पौधों में होने वाले शारीरिक, जैव-रासायनिक और अनुवांशिक परिवर्तनों का विश्लेषण कर भविष्य की अनुकूलन रणनीतियों का आधार तैयार करता है। जलवायु-स्मार्ट कृषि, सूखा-सहनशील किस्मों का विकास, कृषि-वनीकरण, मृदा स्वास्थ्य पुनर्जीवन, जैव विविधता संरक्षण, संकटग्रस्त पौध प्रजातियों की पहचान एवं संरक्षण, बीज बैंक और ऊतक संवर्धन जैसे क्षेत्रों में वनस्पति विज्ञान का अनुप्रयोग जलवायु परिवर्तन के हानिकारक प्रभावों को कम करने में उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इसके साथ ही आधुनिक वनस्पति विज्ञान बायोटेक्नोलॉजी और जीन-संपादन तकनीकों की सहायता से ऐसी फसलें विकसित कर रहा है जो ऊष्मा, सूखे, लवणीयता और रोगों के प्रति अधिक सहनशील हों, जिससे भविष्य में खाद्य सुरक्षा को सुरक्षित करने में सहायता मिलेगी। पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन, वनीकरण, मैंग्रोव पुनर्जीवन और शहरी हरित क्षेत्र विस्तार जैसे कदम भी जलवायु परिवर्तन नियंत्रण में प्रभावी हैं, जिनकी वैज्ञानिक योजना और क्रियान्वयन में वनस्पति विज्ञान मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। संपूर्णतः, यह कहा जा सकता है कि जलवायु परिवर्तन की जटिल समस्याओं के समाधान में वनस्पति विज्ञान न केवल वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है, बल्कि पौध-आधारित प्राकृतिक समाधानों (Nature-based Solutions) के माध्यम से वैश्विक स्तर पर जलवायु स्थिरता और सतत विकास (Sustainable Development) को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य योगदान देता है।
कीवर्ड -वनस्पति विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, कार्बन अवशोषण, जैव विविधता संरक्षण
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