
सारांश बालक की पहली पाठशाला 'घर होता है। और पहली शिक्षिका माँ होती है। लेकिन यदि बालक का सम्पूर्ण विकास करना हो तो हम स्कूल को प्राथमिकता देते हे विद्यालय के बीना बालक अपना विकास नही कर सकता विद्यालय ही दूसरा सबसे प्रभावशाली परिर्वतन है जिससे कि बालक का संपूर्ण विकास होता है बालक के सामाजिक स्तर को विकसिक करने के लिए विद्यालय की प्रमुख भूमिका से ही बालक का विद्यालय के माध्यम से सर्वंगिक विकास होता है तथा वह अपने जीवन में प्रभावी ढंग से सिख पाते हैं
